MSP Full Form in Hindi: MSP क्या होता है जाने

हेलो दोस्तों allaeps.com में आपका एक बार फ़िर से स्वागत है। आज के इस आर्टिकल में हम बात करने है।   MSP Full Form in Hindi: MSP क्या होता है जानेएमएसपी एक प्रकार की निर्धारित आय होती है जो सरकार द्वारा किसानों को उनकी फसलों पर प्रदान की जाती है। तो चलिए दोस्तों आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से MSP से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं|

किसानों के लिए एक’ सुरक्षा जाल’, न्यूनतम समर्थन मूल्य कृषि क्रांति का मूल है जिसने भारत को खाद्य-कमी से खाद्य-अधिशेष राष्ट्र में बदल दिया । भारत में 1942 में पहली बार खाद्य विभाग बना था जिसे आजादी के बाद अपग्रेड तब किया गया जब देश में एक समय खाद्य पदार्थो की भारी कमी आ गयी थी।

इस लेख के माध्यम से MSP से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं जैसे कि MSP क्या होता हैMinimum Support Price Full Formन्यूनतम समर्थन मूल्य का उद्देश्य क्या है, इसके लाभ क्या क्या है, एमएसपी किसके द्वारा तय की जाती है, किन फसलों पर एमएसपी घोषित की जाती है तथा Minimum Support Price कैसे तय की जाती है। आपसे निवेदन है कि हमारे इस लेख को विस्तार से पढ़ें।

MSP Full Form in Hindi: MSP क्या होता है जाने

MSP की Full Form है Minimum Support Price. मिनिमम सपोर्ट प्राइस का हिंदी में अर्थ है न्यूनतम समर्थन मूल्य। भारत में किसानो के लिए एमएसपी उस समय एक सपोर्ट बन जाता है जब किसी वजह से फसलो के मूल्य में भारी गिरावट आ जाए। ऐसे में मार्किट रेट चाहे कितना भी गिर जाए पर किसान अपनी फसल को उतना रेट तो मिलता ही है जितनी सरकार ने उस फसल की एमएसपी निर्धारित की है।

MSP Full Form in Hindi

 

1965 में न्यूनतम समर्थन मूल्य का सुझाव पारित किया गया| भारत में हरित क्रांति के दौरान समर्थन मूल्य के रूप में किसानों को बहुत प्रोत्साहन मिला| इसकी सहायता से खाद्य उत्पादन में काफी वृद्धि हुई और किसानों को आर्थिक रूप से भी मदद मिली| एमएसपी का यह लक्ष्य था कि वह पीडीएस के माध्यम से खाद्य पदार्थों की खरीद और भंडारण को बनाए रखना है|

Minimum Support Price का प्रमुख उद्देश्य यह है कि किसानों को बिचौलियों के चक्कर से बचाकर उनकी उपज को अच्छा मूल्य उनको दिया जाए। यदि किसी बंपर फसल उत्पादन होने पर या बाजार में उसकी अधिकता होने की वजह से उसकी कीमत घोषित मूल्य की तुलना से कम हो जाती है तो सरकार द्वारा किसानों की फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाता है |

एमएसपी के फायदे – Benifits

  • न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली की वजह से फसलो की कीमत ज्यादा नहीं गिर सकती। मार्किट का रुझान चाहे जैसा हो पर किसानो को उनकी उपज का एक फिक्स प्राइस तो मिल ही जाता है।
  • इस प्रणाली की मदद से सरकार फसलों की कीमतों में तेज गिरावट और वृद्धि दोनों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
  • एमएसपी के आने से किसान में नई तकनीको से फसल उगाने की पहल तेज़ होने में मदद मिलती है।
  • इसका बाजार की कीमतों पर बहुत प्रभाव पड़ता है जिससे किसानो को उत्पादन बढाने और आय के मामले में अन्य क्षेत्रों से कदम से कदम मिलाकर चलने में मदद मिलती है।
  • MSP निर्धारित करते समय कई फैक्टर ध्यान में रखे जाते है जिससे किसानो को बाज़ार की दया के भरोसे ही नहीं छोड़ा जाता।
एमएसपी की फुल फॉर्म Minimum Support Price (न्यूनतम समर्थन मूल्य)
एमएसपी का उद्देश्य किसानों को निर्धारित आय प्रदान करना
एमएसपी का लाभ फसलों के उतार-चढ़ाव में किसानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा
एमएसपी का आरम्भ वर्ष 1966-67
एमएसपी किसके द्वारा तय की जाती है कृषि लागत एवं मूल्य आयोग

एमएसपी (MSP) कैलकुलेट करने का फार्मूला क्या है?

  • कीमत A1- शारीरिक श्रम + पशु श्रम + मशीनी लेबर + जमीनी राजस्व + अन्य कीमतें
  • कीमत A2- कीमत A1 + जमीन का किराया
  • पारिवारिक श्रम- परिवार के सदस्यों की मेहनत
  • कीमत C2- कीमत A1 + पारिवारिक श्रम + स्वामित्व वाली जमीन का किराया + स्थाई पूंजी पर ब्याज (जमीन छोड़कर)

क्या भारत में एमएसपी लागू करने की कोई कानूनी बाध्यता है ?

भारत में एमएसपी को लागू करने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं है,  ICRIER के विजिटिंग सीनियर फेलो सिराज हुसैन द्वारा बताया गया है। सिर्फ एक फसल के MSP को लेकर कानूनी पहलू नजर आता है और ये फसल है- गन्ना. दरअसल गन्ने का मूल्य शुगरकैन (कंट्रोल) ऑर्डर 1996 के हिसाब से तय होता है,

जिसे आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत जारी किया गया था।यह ऑर्डर गन्ने के लिए हर साल एक फेयर एंड रिम्युनेरेटिव प्राइस (FRP) तय करने की व्यवस्था देता है।

 

किन फसलों पर मिलती है एमएसपी?

22 अनिवार्य फसलें जिनके लिए पिछले 3 वर्षों से सरकार द्वारा एमएसपी की घोषणा की जा रही है। इन फसलों में से 14 फसल खरीफ की है जैसे धान (सामान्य और ग्रेड ए) ज्वार ( हाइब्रिड और मालदी की किस्में) बाजरा, मक्का, रागी, अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, शीशम, निगरसिड कपास (माध्यम प्रधान और लंबी प्रधान किस्म) और 6 रबी कि फसलें जैसे गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड और सरसों कुसुम और दो व्यवसायिक फसल रिज़ जूठ और खोपरा। MSP Full Form in Hindi

MSP का निर्धारण कैसे होता है

MSP निर्धारण करने का काम CACP करती है। न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण स्वामीनाथन समिति के फार्मूले के आधार पर किया जाता है। Swaminathan Committee भारतीय सरकार द्वारा किसानो की समस्याओ को सुलझाने के लिए बनाई गयी थी। नीचे दिए कुछ कारको के आधार पर किसी भी फसल की एमएसपी निर्धारित की जाती है।

  • फसल उगाने में आने वाली कुल लगत
  • बाजार की कीमतों में रुझान
  • मांग और आपूर्ति
  • अंतर्राष्ट्रीय मूल्य स्थिति
  • जीवन यापन की लागत पर प्रभाव
  • किसानो की लगने वाली लागत और उन्हें मिलने वाले दाम में समता
  • फसलो के भंडारण में आने वाला खर्च, टैक्स, परिवहन खर्चा और अधिकारियों के मार्जिन।

 

सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कैसे फैसला करती है?

  • भारत में, दो प्रमुख मौसमी फसल हैं, अर्थात् ‘ रबी ‘ और ‘खरीफ‘।
  • सरकार प्रत्येक फसल सीजन की शुरुआत में न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा करती है ।
  • सरकार द्वारा कृषि लागत और कीमतों के लिए आयोग द्वारा किए गए प्रमुख बिंदुओं का विस्तृत अध्ययन करने के बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाता है ।
  • ये सिफारिशें कुछ पूर्व-निर्धारित सूत्रों पर आधारित हैं । इसमें वास्तविक लागत, निहित पारिवारिक श्रम के साथ-साथ किसानों द्वारा भुगतान की गई अचल संपत्तियों या किराए का एसओटी शामिल है ।

कैसे होती है किसानों से खरीद

एमएसपी पर सरकार विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से किसानों से अनाज खरीदती है,एमएसपी पर खरीदकर सरकार अनाजों का बफर स्टॉक बनाती है, सरकारी खरीद के बाद FCI और नैफेड के पास यह अनाज जमा होता है, इस अनाज का इस्तेमाल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए होता है।

MSP Full Form in Hindi (FAQ):

1.किसान MSP क्या है?

‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ किसी भी फसल के लिये वह ‘न्यूनतम मूल्य’ है, जिसे सरकार किसानों के लिये लाभकारी मानती है और इसलिये इसके माध्यम से किसानों का ‘समर्थन’ करती है।

2.MSP की घोषणा कौन करता है?

किसी कृषि उपज (जैसे गेहूँ, धान आदि) का न्यूनतम समर्थन मूल्य वह मूल्य है जिससे कम मूल्य देकर किसान से सीधे वह उपज नहीं खरीदी जा सकती। न्यूनतम समर्थन मूल्य, भारत सरकार तय करती है। भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिये रबी की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा की है।

3.MSP कैसे तय होती है?

MSP कौन तय करता है ? फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य CACP अर्थात कृषि लागत एवं मूल्य आयोग तय करता है। CACP लगभग सभी फसलों के लिए दाम तय करता है।

4. वर्तमान में कितने उत्पाद MFP के अंतर्गत आते हैं?
इसके द्वारा लघु वनोपज (MFPअंतर्गत कवरेज की गयी वस्तुओं की संख्या 50 से बढ़कर 73 हो गयी है।
5. कृषि मूल्य में उच्च वाचन से क्या अर्थ है?
जब बाज़ार में कृषि उत्पादों का मूल्य गिर रहा हो, तब सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादों को क्रय कर उनके हितों की रक्षा करती है। … न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा सरकार द्वारा कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की संस्तुति पर वर्ष में दो बार रबी और खरीफ के मौसम में की जाती है।
निष्कर्ष:

इस पोस्ट में, हम MSP Full Form in Hindi: MSP क्या होता है जाने के बारे में साझा करेंगे | सभी के नाम हिंदी में अगर आपका कोई सवाल है तो आप कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं। हम आपको जवाब देंगे। मुझे उम्मीद है कि आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी इसलिए कृपया इसे अपने सोशल मीडिया हैंडल और दोस्तों पर शेयर करें।

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